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Saturday, January 5, 2019

बुरे लोग नहीं समझते कि क्या सही है, क्या गलत। येशु ही जीवन है

                                 
                                                                            Jesus Hindi


                                         येशु ही जीवन है
       बुरे लोग नहीं समझते कि क्या सही है, क्या गलत।


नीतिवचन28:5,10
[5]बुरे लोग न्याय को नहीं समझ सकते, परन्तु यहोवा को ढूंढने वाले सब कुछ समझते हैं।
[10]जो सीधे लोगों को भटका कर कुमार्ग में ले जाता है वह अपने खोदे हुए गड़हे में आप ही गिरता है; परन्तु खरे लोग कल्याण के भागी होते हैं।
       
आज हम आखिरी दिनों के आखिरी वक्‍त में जी रहे हैं। जहाँ देखो वहाँ दुष्ट लोग “जंगली पौधों की तरह बढ़ते” जा रहे हैं।

भजन संहिता 92:7
कि दुष्ट जो घास की नाईं फूलते- फलते हैं, और सब अनर्थकारी जो प्रफुल्लित होते हैं, यह इसलिये होता है, कि वे सर्वदा के लिये नाश हो जाएं,

इसलिए हमें हैरानी नहीं होती कि कई लोग परमेश्‍वर के नेक स्तरों को ठुकरा देते हैं। ऐसे में हम किस तरह पौलुस की इस सलाह को मान सकते हैं, “बुराई के मामले में बच्चे रहो” लेकिन “सोचने-समझने की काबिलीयत में सयाने बनो”?

 1 कुरिन्थियों 14:20
 हे भाइयो, तुम समझ में बालक न बनो: तौभी बुराई में तो बालक रहो, परन्तु समझ में सियाने बनो।

इसका जवाब आज के वचन में दर्ज़ है जहाँ यह भी लिखा है, “जो यहोवा की खोज में रहते हैं वे सब समझते हैं।” मतलब, वे अच्छी तरह समझते हैं कि यहोवा को खुश करने के लिए क्या करना ज़रूरी है। इसी से मिलती-जुलती बात 
नीतिवचन 2:7, 9 
में बतायी गयी है। वहाँ कहा गया है कि यहोवा उन लोगों को बुद्धि देता है जो सही काम करते हैं। नतीजा, वे ‘समझ पाते हैं कि नेकी, न्याय और सीधाई क्या है, हाँ वे सब भली राहें जान पाते हैं।’ नूह, दानियेल और अय्यूब को परमेश्‍वर से बुद्धि मिली थी।

 यहेजकेल 14:14
तब चाहे उस में नूह, दानिय्येल और अय्यूब ये तीनों पुरुष हों, तौभी वे अपने धर्म के द्वारा केवल अपने ही प्राणों को बचा सकेंगे; प्रभु यहोवा की यही वाणी हे।

 यही बुद्धि आज परमेश्‍वर के लोगों में भी देखी जाती है। आपके बारे में क्या? क्या आपके पास परमेश्‍वर की बुद्धि है? अगर आप ‘समझना’ चाहते हैं कि यहोवा की मंज़ूरी पाने के लिए क्या करना ज़रूरी है, तो पहले आपको उसे अच्छी तरह जानना होगा।

प्रभु येशु ही जीवन है Amen

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