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Tuesday, October 16, 2018

विश्वास से ही मनुष्य धर्मी ठहरता है - Man is righteous by faith !!

विश्वास से ही मनुष्य धर्मी ठहरता है!!


बाइबिल परमेश्‍वर के आदेशों को “व्यवस्था” के नाम से पुकारती है। अब क्योंकि हम मसीह विश्‍वासी हैं, हम अब और व्यवस्था के अधीन नहीं या परमेश्‍वर के न्याय और दण्ड के अधीन नहीं हैं – इसकी अपेक्षा हम को क्षमा कर दिया गया और अनन्त जीवन दे दिया गया है। हम को व्यवस्था की मांग से स्वतंत्र कर दिया गया है।

गलातियों की पत्री मे पौलुस कहता है कि- मनुष्य व्यवस्था के कामों से नहीं, पर केवल यीशु मसीह पर विश्‍वास करने के द्वारा धर्मी ठहरता है, हम ने आप भी मसीह यीशु पर विश्‍वास किया कि हम व्यवस्था के कामों से नहीं, पर मसीह पर विश्‍वास करने से धर्मी ठहरें, इसलिये कि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी धर्मी न ठहरेगा। (गलातियों 1:16)

कितना अधिक पौलुस परमेश्‍वर के आदेशों के ऊपर ध्यान केन्द्रित करता और उन्हें पूरा करने का प्रयास करता है?

...मैं तो व्यवस्था...के लिए मर गया कि परमेश्‍वर के लिये जीऊँ...मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ, अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह यीशु मुझ में जीवित है; और मैं शरीर में अब जो जीवित हूँ तो केवल उस विश्‍वास से जीवित हूँ जो परमेश्‍वर के पुत्र पर है, जिस ने मुझ से प्रेम किया और मेरे लिये अपने आप को दे दिया। मैं परमेश्‍वर के अनुग्रह को व्यर्थ नहीं ठहराता; क्योंकि यदि व्यवस्था के द्वारा धार्मिकता होती, तो मसीह का मरना व्यर्थ होता! (1:17-21)

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प्रभु आपको विश्वास और प्रेम के द्वारा आशीषित करे।

मसीह को जगत की सृष्टि से पहले चुना गया था,

पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।

जो उसके द्वारा उस परमेश्‍वर पर विश्वास करते हो,

जिसने उसे मरे हुओं में से जिलाया,

और महिमा दी कि तुम्हारा विश्वास और आशा परमेश्‍वर पर हो।

~1 पतरस 1:20-21 ~

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